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100 साल की महिमा, यहां संतान की कामना से आते हैं भक्त

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दुर्ग वैसे तो जिले में अनेक गणेश मंदिर हैं लेकिन बालोद जिले में एक ऐसा प्राचीन गणेश मंदिर Ganesha mandir है जो स्थापित प्रतिमा तकरीबन सौ साल पुरानी बतायी जाती है। कहा जाता है कि यहां भगवान गणेश के आगे मन्नत मांगने से वे भक्तों की सूनी गोद भर देते हैं। कहा जाता है कि यहां निःसंतान महिलाएं बच्चे की आस लेकर आती हैं और उनकी मनोकामना अवश्य ही पूर्ण होती है। amazing Ganesh Temple स्थानीय लोग यहां दर्शन मात्र का पुण्य बताते हैं।

जमीन के अंदर से हुए थे प्रकट Balod Ganesha Mandir

कहा जाता है कि बालोद जिला मुख्यालय के मरारपारा गणेश वार्ड में जमीन के अंदर से भगवान प्रकट हुए थे। जिसके बाद लोगों ने यहां मूर्ति स्थापित कर पूजा प्रारंभ की। इसके बाद बप्पा की महिमा सुनकर यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई। 100 year old Ganesh temple at the Balod Mararpara Ganesha ward

दूर-दूर से आते हैं भक्तगण Ganesha Festival

बुधवार को मंदिर में महाआरती होती है जबकि गणेश उत्सव के अवसर पर हर दिन ही पूजन प्रार्थना क दौर चलता है। बप्पा की महिमा के चलते दूर-दूर से भक्तगण आते हैं। कोरोना महामारी के चलते मंदिर में विशेष पूजन का आयोजन किया गया है। हालांकि इन दिन सरकार द्वारा बनाए गए कोरोना नियमों Corona Virus का भी विशेष रुप से पालन किया जा रहा है। amazing Ganesh Temple

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अभी भी कुछ हिस्सा जमीन में amazing Ganesh Temple chhattisgarh

गणपति बप्पा Ganesha Bappa की महिमा कितनी अपार है आप इन्हें देखकर ही समझ जाएंगे। बप्पा के पैर का निचला कुछ हिस्सा अभी भी जमीन के अंदर है। कहा जाता है कि स्वयं-भू गणेश जब धरती से प्रकट हुए थे तब इनका आकार बहुत ही छोटा था किंतु अब ये आकार धीरे.धीरे बड़ा हो गया है और अब बप्पा की विशाल प्रतिमा यहां दिखाई देती है जो कि हर दुखियारे का सहारा है गणपति बप्पा यहां आने हर भक्त के दुख दूर करते हैं।

इन्हें मिली थी मूर्ति Ganesha Murti

कहा जाता है कि बाफना परिवार के किसी सदस्य को सपना देकर बप्पा यहां प्रकट हुए थे बाद में सुल्तानमल बाफना और भोमराज श्रीमाल ने यहां मूर्ति की स्थापना कर पूर्जा अर्चना प्रारंभ की। अब यहां बड़ी संख्या में भक्त एकत्रित होते हैं। अब उन्हीं के परिवार के लोग बप्पा की पूजा अर्चना की मुख्य जिम्मेदारी संभालते हैं। गणेश उत्सव के अलावा प्रत्येक बुधवार मंदिर प्रांगण भक्तों से पट जाता है। बड़ी संख्य में बच्चे बजुर्ग और युवा सभी यहां पहुंचते हैं। हर एक ही आस्था मंदिर को लेकर अलग-अलग है लेकिन गणपति बप्पा के दरबार में सब एक समान भाव से पूजा अर्चना करते हैं। amazing Ganesh Temple

 

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