आज का राशिफल

आज का राशिफल भाद्रपद में दही सेवन का निषेध, क्या है ज्योतिषीय कारण

भाद्रपद में दही सेवन का निषेध, क्या है ज्योतिषीय कारण-

पी.एस. त्रिपाठी… आज का पंचाग.
दिनांक 04.08.2020… शुभसंवत2077शक1942… सूर्यदक्षिणायनका भाद्र्पदकॄष्णपक्ष प्रतिपदा तिथि … रात्रिको09 बजकर55मिनटतक … दिन … मंगलवार … श्रवणनक्षत्र … दिन को 08बजकर11मिनटतक … आज चंद्रमा … मकरराशि में … आजकाराहुकालदोपहरको03बजकर24 मिनटसे05बजकर02 मिनटतकहोगा …

भाद्रपद में दही सेवन का निषेध, क्या है ज्योतिषीय कारण-
व्रत, भक्ति और शुभ कर्म के 4 महीने को हिन्दू धर्म में ‘चातुर्मास’ कहा गयाहै। ध्यान और साधना करने वाले लोगों के लिए ये माह महत्वपूर्ण होतेहैं। चातुर्मास 4 महीने की अवधि है, जो आषाढ़ शुक्ल एकादशी से प्रारंभ होकर कार्तिक शुक्ल एकादशी तक चलताहै। उक्त 4 माह को व्रतों का माह इसलिए कहा गया है कि उक्त 4 माह में जहां हमारी पाचन शक्ति कम जोर पड़ती है वहीं भोजन और जल में बैक्टीरिया की तादाद भी बढ़ जातीहै। चातुर्मास के श्रावण मास में हरी पत्तेदार सब्जियांनहीं खानी चाहिये क्योंकि वर्षा ऋतु में कीड़े-मकोड़े सतह पर आ जाते हैं तथा पौधों के पत्तों को सबसे अधिक दूषित करते हैं। अतःश्रावणमास में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन निषेध है।भाद्रपद – मास में दही नहीं खाना चाहिए क्योंकि इस मास में पित्त व अम्ल प्रधान वस्तुएं नहीं खानी चाहिये। आश्विनमास में दूध का सेवन वर्जित है क्योंकि गाय एवं भैंस द्वारा दूषित हराचारा तथा दूषित पानीपीने से उनके दूध की शुद्धता पर भी इस का विपरीत प्रभाव पड़ताहै। अतःइसमास में दूध का सेवन नहीं करना चाहिये। कार्तिक माह में दाल के सेवन का निषेध किया गयाहै क्योंकि वे मुख्यतःकफ को बढ़ातीहै । भाद्रपदमास में मौसम परिवर्तित होताहै तथा जठराग्नि मंद होने के कारण ऐसे पदार्थों का खाना निषेध किया गयाहै। इसके कारण शरीर बीमार होताहै और अनेक रोगो का सामना करना पड़सकता है जैसे की जुकाम, बुखार आदि इसलिए भादों में दही-छाछ वर्जितहै। इसका ज्योतिषीय कारणहै कि इसमास में कालपुरूष की कुंडली में बुधरोग भाव का कारक होकर अपने स्थान से द्वादश में होने से दहीछाछ जैसी नमी और कफको बढ़ाने वाली वस्तुओं का त्याग करना चाहिए, क्योंकि अम्लप्रधान वस्तुओं से जुकाम, बुखार बढ़ सकताहै और बैक्टीरिया के फैलने का डर होताहै अतःभाद्रपद में दही का निषेद हमारे वेदों में किया गयाहै, जो कि वैज्ञानिक है।
आज के राशियों का हाल तथा ग्रहों की चाल
मेष राशि -परिवार से संबंधित चिंता… छोटी-छोटी बातों पर झुझलाहट… सूर्य के उपाय – 1.प्रातः स्नान के उपरांत सूर्य को जल में लाल पुष्प, शक्कर मिलाकर अध्र्य देते हुए ऊॅ धृणि सूर्याय नमः का पाठ करें, सूर्य नमस्कार करें.. 2.गुड़.. गेहू… दान करें..

वृषभ -मानसिक तथा आर्थिक सबल…संतान के आलस्य पूर्ण व्यवहार से तनाव…. संतान के धन हानि से कष्ट…
चंद्रमा के उपाय -1.ऊॅ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः का जाप करें…
2. दूध, चावल, का दान करें…

मिथुन –
आज परिवार के साथ पूजा पाठ से दिन कि शुरुआत…
समत शांतिपूर्वक बीतेगा ….
आकस्मिक चोट से बचें …
मंगल के दोषों को दूर करने के लिए –
1. ऊॅ अं अंगारकाय नमः का जाप करें…
2. मसूर की दाल, गुड दान करें..

कर्क –
नये अवसर की प्राप्ति….
आय में वृद्धि….
सामाजिक यष….
उदर विकास …
शुक्र से संबंधित कष्टों से बचाव के लिए –
1. ऊॅ शुं शुक्राय नमः का जाप करें…
चावल, दूध, दही का दान करें…
सिंह –
भौतिक वस्तु में निवेश…
पारिवारिक निकटता से मन प्रसन्न रहेगा….
व्यक्तिगत या वैधानिक विवादों में फंस सकते हैं….
शनि के उपाय –
1. ‘‘ऊॅ शं शनैश्चराय नमः’’ की एक माला जाप कर दिन की शुरूआत करें..
2. भगवान आशुतोष का रूद्धाभिषेक करें,
3. उड़द या तिल दान करें,
कन्या –
कार्यक्षेत्र में अचानक परिवर्तन…
गुणवत्ता और कौशल में वृद्धि…
उत्साह तथा कौषलपूर्ण कार्यो से लाभ…
केतु के उपाय-
1. ऊॅ कें केतवें नमः का जाप कर दिन की शुरूआत करें…
2. सूक्ष्म जीवों की सेवा करें…
3. गाय या कुत्ते को आहार दें…
तुला –
संतानपक्ष से शुभ समाचार की प्राप्ति…
आकस्मिक खर्च से तनाव…
जीवनसाथी के स्वास्थ्य से चिंता…
बृहस्पति कृत दोषों की निवृत्ति के लिए –
1. ऊॅ गुरूवे नमः का जाप करें…
2. पीली वस्तुओं का दान करें…
3. गुरूजनों का आर्शीवाद लें..
वृश्चिक –
दिन व्यर्थ के कार्यो में जायेगा…
आज के कार्यो में बाधा..
घरेलू विवाद संभव…
राहु के उपाय –
1. ऊॅ रां राहवे नमः का एक माला जाप कर दिन की शुरूआत करें..
2. चावल तिल और गुड का दान करें..
3. सूक्ष्म जीवों को आहार दें..
धनु –
धार्मिक छोटी यात्रा तथा पारिवारिक सुख…
यात्रा के दौरान वाहन से कष्ट…
स्वास्थ्य हानि तथा धन हानि…
बृहस्पति के उपाय –
1. ऊॅ गुरूवे नमः का जाप करें…
2. पीली वस्तुओं का दान करें…
3. गुरूजनों का आर्शीवाद लें..
मकर –
धन तथा ऊॅर्जा परिवार के बीच खर्च हेागा…
लोगों का अच्छा सहयोग प्राप्त होगा…
उत्साह तथा तंदुरूस्त रहेंगे
मंगल के उपाय –
1. ऊॅ अं अंगारकाय नमः का जाप करें…
2. हनुमानजी की उपासना करें..
3. मसूर की दाल, गुड दान करें..

कुंभ –
भागीदारी में लाभ…
संपत्ति से संबंधित विवादों की समाप्ति…
आलस्य तथा शारीरिक कष्ट…
चंद्रमा के लिए –
1. ऊॅ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः का जाप करें…
2. दूध, चावल, का दान करें…
मीन –
शुभ समाचार की प्राप्ति….
नये प्रकार के कार्यो में अच्छी सफलता…
विरोधियों द्वारा प्रशंसा……
सूर्य के उपाय –

1. प्रातः स्नान के उपरांत सूर्य को जल में लाल पुष्प, शक्कर मिलाकर अध्र्य देते हुए ऊॅ धृणि सूर्याय नमः का पाठ करें, सूर्य नमस्कार करें..
2. गुड़.. गेहू… दान करें..

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