छत्तीसगढ़धर्म कथाएंसिख धर्म कथाएं

सनातन धर्म की रक्षा के सिक्खों ने दी प्राणों की आहुति- बृजमोहन अग्रवाल : संस्कृति और संस्कारों की रक्षा के लिए हो सार्थक प्रयास

रायपुर. कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल राजधानी रायपुर में सिक्ख समाज महिला विंग द्वारा आयोजित बैसाखी पर्व में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की आसंदी से समाज को संबोधित करते हुए कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को अक्षुण बनाए रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है। आधुनिकता के इस दौर में संस्कृति और संस्कारों को बचाए रखना एक चुनौती है। ऐसे में आने वाली पीढ़ी को बेहतर दिशा देने के लिए सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। ऐसे प्रयास सार्थक तभी होंगे जब समाज के सभी लोगों की भागीदारी होगी।
श्री अग्रवाल ने राजा भवन फाफाडीह में आयोजित इस कार्यक्रम में आगे कहा कि सिक्ख समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। सिक्खों ने अपने प्राणों की आहुति देकर सनातन धर्म की रक्षा की है। अपने लिए तो सब जीते है पर दूसरों के लिए जीने का जज्बा सिक्खों ने दिखाया है। उन्होंने फोरम बनाकर समाज को संगठित करने में जुटे श्री महेन्द सिंह छाबड़ा और श्री सुरेन्द्र सिंह छाबड़ा की तारीफ करते हुए कहा कि अपने समाज को एक बेहतर दिशा में लेकर जाने का काम इनकी टीम कर रही है। यह अच्छी बात है कि समस्त वरिष्ठजनों का मार्गदर्शन इन्हें मिल रहा है। गुरु परंपरा पर चलने वाले इस सेवाभावी मेहनतकश समाज की वर्तमान पीढ़ी भी समाज के गौरव को बरकरार रखने में कामयाब हो रही है।
कृृषि मंत्री ने कहा कि समाज के निर्धन लोगों की मदद के लिये योजना बनाकर कार्य करना चाहिए। समाज के गरीब परिवारों की बेटियों की शादी, बच्चों की पढ़ाई तथा जरूरतमंद लोगों का इलाज कराना समाज की सच्ची सेवा होगी। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ नागरिक श्री गुरुचरण सिंह छाबड़ा, श्री दिलीप सिंह होरा, श्री मंजीत सिंह, श्री इंद्रजीत सिंह, श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा मौजूद थे।

’सिक्ख समाज छत्तीसगढ़ की वेबसाईट लोकार्पित

श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर समाज द्वारा प्रकाशित टेलीफोन डायरेक्ट्री का विमोचन किया। सिक्ख समाज की वेबसाइट ‘सिक्ख समाज सीजी डॉट कॉम’ का भी लोकार्पण उन्होंने किया। श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि नई पीढ़ी को समाज से संबंधित सभी जानकारी मोबाइल पर ऑनलाइन प्राप्त करने में वेबसाइट निश्चित रूप से उपयोगी होगी। पुराने लोग जो कम्प्यूटर और स्मार्टफोन फ्रेंडली नहीं है, उनके लिए टेलीफोन डायरेक्ट्री काम आएगी। समाज को जोड़ने के लिए टेलीफोन डायरेक्ट्री और वेबसाइट का निर्माण निश्चित रूप से सराहनीय कार्य है।

Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Technically Supported By : Infowt Information Web Technologies