environmentसमाचार

क्या भारत में खून की बारिश हो रही थी?

2001 में, केरल, भारत में एक अजीबोगरीब घटना ने लोगों को हैरान कर दिया। आसमान से लाल बारिश हुई, जिसने देखने वालों को अचंभित कर दिया। इकट्ठा किए गए बारिश के पानी में एक खास लाल रंग था, जो सामान्य पारदर्शी या बादलों वाली बारिश से बिल्कुल अलग था। पड़ोसी इलाकों से भी ऐसी ही खबरें आईं, जिससे इस घटना का रहस्य और गहरा गया। यह अनोखा नजारा कई दिनों तक बार-बार दिखाई दिया और बाद की बारिश में कई रंग देखे गए, जैसे पीला, हरा और काला। दिलचस्प बात यह है कि ऐतिहासिक दस्तावेजों में 1896 में भी केरल में इसी तरह की घटना का उल्लेख मिलता है।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़े Join Now

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़े Join Now

2001 में लाल बारिश के प्रत्यक्षदर्शियों ने तूफान के दौरान बिजली गिरने और गड़गड़ाहट होने की बात बताई। कुछ लोगों ने देखा कि उसके बाद कई पेड़ों ने अपने पत्ते गिरा दिए, जो भूरे और जले हुए लग रहे थे। इन हैरान करने वाली घटनाओं के जवाब में, कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के भौतिकशास्त्री गॉडफ्रे लुईस ने जांच शुरू की। उन्होंने बारिश के पानी के नमूने इकट्ठे किए और उन्हें इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप के नीचे जांचा।

“खून की बारिश” कहे जाने वाले इस घटना को लेकर कई तरह के सिद्धांत सामने आए। शुरुआती अनुमानों में आसपास की फैक्ट्रियों से निकलने वाले जंग या संग्रहित पदार्थों जैसे रासायनिक प्रदूषण को संभावित कारण माना गया। हालांकि, इस रहस्यमयी घटना का सही कारण अब भी छिपा है, जो वैज्ञानिकों के लिए लगातार शोध का विषय बना हुआ है।

Related Articles

Back to top button