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मांगलिक कार्य : जानिए पितृ पक्ष में कौन से कार्य माने गए हैं वर्जित

manglik karya

Pitru Moksha amavasya 2020, About manglik karya and pitru paksha puja

नियमों का पालन करते हुए पितृ पक्ष में पितरों के निमित्त श्रद्धा भाव से श्राद्ध कर्म किए जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि श्राद्ध पक्ष का समय पितरों के लिए ही होता है और ऐसे अनेक कार्य हैं जो इन दिनों शुभ नही होते। इन्हें करना पितृ पक्ष में वर्जित माना गया है।

इन कर्यो को वर्जित माना गया है

ऐसी मान्यता है कि इस अवधि लोग कपड़े, गहने,वाहन आदि की खरीदारी नहीं करना चाहिए। मकान का उद्घाटन, नवीन संपत्ति का क्रय, लेन देन, सौदा, मुंडन आदि प्रत्येक वह कार्य जो शुभ माना जाता है इन दिनों वर्जित माना गया है। इन दिनों विवाह की चर्चा करना भी शुभ नही माना जाता।

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इस संबंध में अलग-अलग मत

हालांकि विद्वानों के इस संबंध में अलग-अलग मत है। कुछ का यह भी कहना है कि शास्त्रों में इसका वर्णन नही मिलता। ये लोक मान्यताओं के तहत मानी गई बातें हैं जो बरसों से परंपरागत रुप से चली आ रही है जिसकी वजह से ही अब हर कोई इनका पालन करने लगा है। हालांकि मुंडन, विवाह आदि पर इनका भी मत अलग है।

मांगलिक कार्य नही माने गए उचित Manglik karya

मांगलिक कार्यों को लेकर किसी के मत अलग नही मिलते। श्राद्ध पक्ष में मांगलिक कार्यों को करना उचित नही माना गया है। मुंडन शादी उपनयन संस्कार नींव पूजन गृह प्रवेश आदि ऐसे कार्य हैं जो मंगलकारी माने जाते हैं और पितृ या श्राद्ध पक्ष के दौरान इन्हें किसी भी स्थिति में नही करना चाहिए। लेकिन कपड़े गहने वाहन आदि वस्तुओं का क्रय किया जा सकता है।

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देखकर प्रसन्न होते है पूर्वज

विद्वानों का यह भी मानना है कि जब पितर श्राद्ध के समय घर आते हैं तो वे नई चीजों को देखकर बहुत ही प्रसन्न होते हैं। नई चीजों की खरीदारी आर्थिक संपन्नता को दर्शाती है। यही नही जब पूर्वज अपनी संतान को खुश और संपन्न देखती है तो उन्हें प्रसन्नता मिलती है। वे उन्हें इसी प्रकार और आगे बढ़ने का आशीर्वाद देते हैं। वे अपनी संतान को संपन्न देखकर संसार से परागमन करते हैं और चिर आत्मा में समा जाते हैं। इसके अतिरिक्त भी पितरों की पूजन में कुछ ऐसी भी वस्तुएं होती हैं जो नवीन ही खरीदनी पड़ती हैं। Pitru Moksha amavasya 2020

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