गलती से भी ना करें बप्पा के इस अंग के दर्शन, लक्ष्मी होंगी रुष्ठ

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Ganesha Utsav and visarjan 2020 भगवान श्री गणेश के पैरों में चार सात लोगों का वास माना गया है आंखों में भक्तों के लिए प्रेम और आशीर्वाद, पेट में सुख और समृद्धि  का वास माना गया है। गणपति बप्पा के माथे पर ब्रह्मलोक नाभि में ब्रह्मांड, दाएं हाथ में सदैव आशीर्वाद प्रदान करने के लिए उठे हुए हाथ, बाएं हाथ में अंकुश अर्थात जो बुराइयों को रोकने के लिए काम करता है का वास है। यही वजह है कि पीठ के दर्शन वर्जित माना गया है।

प्रत्येक अंग का कोई ना कोई महत्व Ganesh utsav

Ganpati  utsav 2020 कहा जाता है कि भगवान गणेश के प्रत्येक अंग का कोई ना कोई महत्व है लेकिन यहां हम आपको एक अति महत्वपूर्ण बात बताने जा रहे हैं। वैसे तो भगवान श्री गणेश प्रथम पूज्य हैं और उनके दर्शनों का ही अति महत्व है लेकिन गणपति बप्पा की पीठ के दर्शन करना शुभ नहीं माना गया है। कहा जाता है कि भगवान गणपति बप्पा की पीठ में दरिद्रता का वास है जो भी इनकी पीठ के दर्शन करता है वह दरिद्रता को भोगता है। लक्ष्मी उससे रुष्ट हो जाती है और वह जीवन में एक कष्ट उठाता है।

तो इस दोष के लिए बप्पा से मांग लें क्षमा Online Aarti

यदि अनजाने में गलती से कोई व्यक्ति भगवान बप्पा की पीठ के दर्शन कर भी लें तो वह अपने इस दोष के लिए बप्पा से क्षमा प्रार्थना करें और ओम श्री गणेशाय नमः मंत्र का जाप करें। बप्पा बड़े ही दयालु हैं। वे अपने भक्तों के दोषों को क्षमा कर देते हैं और इस मंत्र का जाप करते ही वह भक्तों का दोष क्षमा कर उसे समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करेंगे और देवी लक्ष्मी उससे प्रसन्न होंगी। Ganpati puja

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कभी ना बनाएं उल्टा स्वास्तिक  Ganesh puja vidhi

ठीक इसी प्रकार कहा जाता है कि कभी भी उल्टा स्वास्तिक Swastik puja vidhi iनहीं बनाना चाहिए। उल्टा स्वास्तिक केवल विशेष स्थिति में ही मंदिरों में बनाया जाता है। उल्टा स्वास्तिक का अपना अलग ही महत्व है। उल्टा स्वास्तिक बनाने से भी देवी लक्ष्मी नाराज होती है और बने हुए काम बिगड़ने लगते हैं। स्वास्थ्य को सदैव शुद्ध स्थान पर बनाना चाहिए। स्वास्तिक को कभी भी टेढ़ा मेढ़ा नहीं बनाना चाहिए। स्वास्तिक जहां भी बनाया जाए उसकी पूजा करना चाहिए जिससे देवी लक्ष्मी आप सदा प्रसन्न रहें। Ganpati Darshan and puja vidhi

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