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पितृ पक्ष: इस बार घाटों पर सन्नाटा, गया में भी गाइड लाइन का पालन

Varanasi

Important to perform Gaya Pinddaan in Pitripaksha

श्राद्ध पक्ष तो शुरु हो गया लेकिन कोरोना गाइडलाइन के अंतर्गत। इस वजह से इस बार घाटों पर सन्नाटा पसरा देखने मिल रहा है। पितर लगने से पहले ही गाइड लाइन जारी कर दी गई थी और कहा गया था कि जो जहां है वहीं से पूजन कर्म करने का प्रयास करें। गया में भी बाहरी लोग प्रतिबंधित किए गए हैं। इस बार यहां का मेला भी स्थगित कर दिया गया, जिससे आस पास के एक दो लोग ही यहां पर पहुंच रहे हैं और पिंडदान करा रहे हैं। यहां घाटों के आस-पास रहने वाले नाविकों से लेकर पंडा पुजारियों तक का खर्चा इसी पूजन कर्म पर निर्भर करता है।

इस वर्ष हर जगह गाइड लाइन

हर साल विशाल स्तर पर लगने वाले मेले में लाखों श्रद्धालु आते हैं इससे यहां के दुकान दारों का भी लगभग सालभर का खर्च पूरा हो जाता है। जबकि इस बार कोरोना महामारी के चलते ऐसा देखने नही मिल रहा। इस बार घाटों पर निर्धारित गाइड लाइन का पालन करने पर ही जाने की अनुमति है। गाइड लाइन का पालन ना करने पर पुलिस कार्रवाई के सख्त आदेश हैं। हालांकि गया के अतिरिक्त भी उज्जैन, नासिक सहित कई स्थान हैं जहां पर इस कर्म के लिए लोग आते हैं। किंतु इस वर्ष हर जगह गाइड लाइन देखने मिल रही है।

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निर्धारित प्रक्रिया के साथ ही यह पूजा

गया में बाहरी प्रतिबंधित हैं उन्हें ना आने की अपील की गई है जबकि उज्जैन में निर्धारित प्रक्रिया के साथ ही यह पूजा करायी जा रही है वहीं नासिक में अब तक इस बार तर्पण पूजन देखने नही मिल रहा है। वैसे ही कई स्थान हैं जहां ऐसे ही हालात हैं जहां कोरोना के चलते हालात बिगड़े हुए हैं वहां तो स्थिति को देखने हुए ही स्थानीय प्रशासन कोई कदम उठा रहा है। फिर चाहे वह कितना भी प्रसिद्ध धार्मिक स्थल क्यों न हो। इस बार कोरोना महामारी ने जहां शारीरिक नुकसान पहुंचाया है वहीं आर्थिक रुप से भी स्थिति बिगड़ी है। दूसरी ओर धार्मिक कर्म अनुष्ठान पर भी असर पड़ा हैै। Pinddaan in Pitripaksha

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