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मां बगलामुखी के इस मंदिर में की तंत्र साधना, ऐसे छूट गए पाकिस्तान के छक्के!

nalkheda baglamukhi temple

आगर मालवा. तीन मुखों वाली मां बगलामुखी के मंदिर में भारत-पाकिस्तान मैच में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए तंत्र साधना की गई। नलखेड़ा में लखुंदर नदी के तट पर द्वापर काल से प्रसिध्द चमत्कारिक मां बगलामुखी मंदिर में रविवार को एक खास पूजा की गई।

इस पूजा में भारत पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के महामुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम की जीत के लिए हवन किया गया। मंदिर के पुजारियों ने विशेष हवन किया। माँ बगलामुखी मंदिर में हवन पूजन करने वाले पंडितो ने इस हवन में भारत की विशाल जीत के लिए विशेष आहुतियां दी। सभी ने माँ से भारत की बड़े अंतर से जीत की कामना की। बार्डर पर लगातार भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के चलते क्षेत्रवासियों में पाकिस्तान के खिलाफ बहुत आक्रोश है, इसी के चलते मंदिर के पंडित और क्षेत्र के श्रद्धालु मैच में भारत को बड़े अंतर से जीतता हुआ देखना चाहते है, जिससे पाकिस्तान को करारा जवाब मिल सके। इसी मनोकामना को लेकर माँ बगुलामुखी मंदिर में यह हवन किया गया है। हम आपको बता दे यह मंदिर तांत्रिक स्थली के रूप में प्रसिद्ध है। 21 पंडितों द्वारा इस विजय यज्ञ को संपादित कराया गया है, यज्ञ में क्रिकेट प्रेमियों ने भी विशेष आहुतियाँ दी।हवन में भारतीय खिलाड़ियों की तस्वीरें भी रखी गई व भारतमाता की जयकारे भी लगाए गए। पंडित कमलेश शर्मा गमोठ ने बताया कि मां के दरबार में लगाई दरकार खाली नहीं जाती है।

स्वयंभू है मां बगलामुखी

आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में स्थित इस मंदिर में देशभर से तांत्रिक तंत्र साधना के लिए आते है। इस मंदिर में मां बगलामुखी के साथ कृष्ण, हनुमान, भैरव, लक्ष्मी और मां सरस्वती के दर्शन भी कर सकते है। इस मंदिर की स्थापना महाभारत में जीत के लिए श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर से करवाई थी, तब स्वयंभू मां बगलामुखी की प्रतिमा प्रकट हुई थी। यह देश का पहला ऐसा मंदिर है, जिसके परिसर में बिल्वपत्र, पीपल, आंवला, सफेद आंकड़ा, चंपा, नीम के पेड़ एकसाथ है। बड़ी बात यह है कि मंदिर के आसपास शमशान है।

कई दिग्गज करवा चुके हैं तंत्र साधना

तीन मुखों वाली मां बगलामुखी के मंदिर में कई दिग्गज तंत्र साधना करवा चुके हैं। यहां नेता से लेकर अभिनेता, आम से लेकर खास व्यक्ति मन्नत मांग चुका है, यहां मांगी गई मन्नत खाली नहीं जाती है। स्मृति इरानी, उमा भारती, उत्तराखंड की महारानी टेहरी गढ़वाल, सांसद मालाराज्य लक्ष्मी शाह, राजमाता विजयाराजे सिंधिया, अमर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अर्जुन सिंह सहित कईयों ने यहां तंत्र साधना करवाई है और वह सफल भी हुई।

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