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हार के बाद जया प्रदा ने आज़म ख़ान के ख़िला’फ़ उठाया ये क़दम, सांसद बनने को…

रामपुर: भारतीय जनता पार्टी की हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में शानदार जीत हुई. इस जीत में उत्तर प्रदेश का भी बड़ा सहयोग रहा. उत्तर प्रदेश में भी भाजपा को बड़ी जीत हासिल हुई लेकिन इस ज़बरदस्त लहर के माहौल में भी रामपुर लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी जया प्रदा की बड़ी हार हुई. इसकी वजह ये है कि यहाँ से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान चुनाव में उतरे थे. आज़म ने जया प्रदा को एक लाख से भी अधिक वोटों से हरा दिया.

जया प्रदा लेकिन इस हार को पचा नहीं पायी हैं. उन्होंने पहले तो कहा कि भाजपा के लोकल नेताओं ने उनका समर्थन करने के बजाय आज़म के पक्ष में मतदान कराया. वहीँ अब जया प्रदा एक नया मामला सामने लेकर आयी हैं. जया प्रदा ने राज्य निर्वाचन आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखा है. इस ख़त में उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान के सांस चुने जाने को अवैध बताया है.

जया प्रदा ने माँग की है कि आज़म का निर्वाचन निरस्त किया जाए. जया प्रदा का कहना ही कि 2 अप्रैल को आजम खान ने जब लोकसभा चुनाव का नामांकन किया था, तब वह जौहर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति थे. ऐसे में जयाप्रदा का कहना है कि आजम खान द्वारा लाभ के पद पर रहने के कारण भारतीय संविधान के अनुच्छेद 102(1)ए, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के सेक्शन 9(ए) और संविधान के अनुछेद 191 (ए) का उल्‍लंघन किया गया है.

जया प्रदा ने हवाला दिया है कि साल 2006 में सोनिया गांधी की सदस्यता भी इसलिए समाप्त की गई थी और जया बच्चन की भी. आपको बता दें कि रामपुर आज़म खान ने बड़ी जीत हासिल की है. उन्होंने जया प्रदा को बड़े अंतर से हराया है. आज़म के बारे में माना जाता है कि उंनका रामपुर में बड़ा गढ़ है. यहाँ उन्हें हराना बहुत मुश्किल है. आज़म को यहाँ पाँच लाख 59 हजार 177 वोट मिले थे, जबकि जयाप्रदा को चार लाख 49 हजार 180 वोट मिले. वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी संजय कपूर को 35 हजार नौ वोट मिले थे.

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