ईसाई धर्म कथाएंछत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ का यह चर्च सिर्फ एक बीम पर टिका, क्रिसमस पर्व पर दुनियाभर से लोग आते हैं कुनकुरी

Kunkuri church

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कुनकुरी. छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी में एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च है। क्रिसमस पर्व पर कुनकुरी में अलग ही धूम होती हैं। इसकी वजह है कुनकुरी का विशाल-खूबसूरत चर्च जो अपनी पहचान इंटरनेशनल लेवल पर हैं।
खास बात यह है कि इस चर्च की पूरी बिल्डिंग एक ही बीम पर टिकी हुई है। दुनियाभर से इस चर्च को देखने के लिए लोग कुनकुरी आते हैं। बदलते समय के साथ कुनकुरी अब गांव से शहर बन चुका है। जशपुर जिले में ईसाई धर्म को मानने वालों की संख्या करीब 2 लाख से अधिक हैं। 25 दिसंबर को ईसाईयों का सबसे बड़ा पर्व क्रिसमस है। इसी मौके पर धर्म कथाएं डॉट कॉम आपको बता रहा है कुनकुरी चर्च के बारे में कुछ खास बातें…



दिसंबर माह में इस चर्च को देखने के लिए सबसे अधिक लोग आते हैं। कुनकुरी का महाागिरजाघर वास्तुकला का बेहद बेजोड़ नमूना है। ईसाई धर्मग्रंथों में सात को पूर्णता का प्रतीक माना जाता है। सात संस्कार बपतिस्मा, परम प्रसाद, पाप स्वीकार, दृढ़ीकरण, पुरोहिती करण और अंत मिलन होते हैं। इस महागिरजाघर में प्रवेश करते ही इन संस्कारों से साक्षात्कार हो जाता है। सात ग्रिल में सातों संस्कार को रेखांकित करके चित्रांकन करा हुआ है।

 

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सभी धर्मों के प्रतीक हैं यहां (kunkuri catholic church jashpurnagar india)

ऐसा बेहद कम ही धार्मिक स्थलों में होता हैं, जहां सभी धर्मों के प्रतीक दिखाई देते हों। लेकिन कुनकुरी के चर्च में आपको प्रभु यीशु के क्रूस पर टंगी मूर्ति के पास ही सभी धर्मों के प्रतीक चिन्ह लगे हुए हैं। इस महागिरजाघर में आराम से करीब 10 हजार व्यक्ति प्रार्थना कर सकते हैं।

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चर्च ने बसाया कुनकुरी शहर (kunkuri catholic church jashpurnagar in hindi)

जशपुर जिले के कुनकुरी से 11 किमी दूर गिनाबहारा में इस क्षेत्र का पहला चर्च बनाया गया। उस दौर में कुनकुरी बहुत छोटा सा गांव था।



लेकिन एशिया के दूसरे सबसे बड़े चर्च की स्थापना के बाद कुनकुरी गांव से शहर के रुप में विकसित हो गया। कुनकुरी में महागिरजाघर बनने के बाद यहां लोयोला स्कूल और हॉली क्रॉस अस्पताल की स्थापना की गई।

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क्रिसमस पर्व पर यहां देश ही नहीं विदेशों से भी श्रद्धालु प्रभु यीशु की प्रार्थना करने आते हैं। इस चर्च की आधारशिला 1962 में रखी गई थी और निर्माण 1979 में पूरा हुआ। वहीं लोकार्पण 1982 में किया गया। जशपुर जिले में ईसाई धर्म को मानने वालों की संख्या करीब 2 लाख से अधिक हैं। 25 दिसंबर को ईसाईयों का सबसे बड़ा पर्व क्रिसमस है। Kunkuri is a small town in Chhattisgarh, India. It is a tehsil of Jashpur district, It has Asia’s second largest Catholic church, the CathedraOur Lady of the Rosary, in the Roman Catholic Diocese of Jashpur,

2 comments

  1. Hitesh dewangan 24 May, 2019 at 13:23 Reply

    Mujhe apne dhrm aur smaj se taklif hui hai kya aap mere aur mere pariwar ki help kr skte hai

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