धर्म कथाएं

अभी जानिए कलावे का दीपक जलाने का महत्व!!

दीपक जलाना हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। यह पूजा-पाठ, आरती और अन्य धार्मिक कार्यों में किया जाता है। दीपक को अग्नि देवता का प्रतीक माना जाता है, जो प्रकाश और ऊर्जा का स्रोत हैं।

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कलावे का दीपक जलाने का विशेष महत्व है। कलावा, जिसे मौली भी कहा जाता है, लाल धागे से बना होता है। लाल रंग को शुभ माना जाता है और यह शक्ति और सकारात्मकता का प्रतीक है।

कलावे का दीपक जलाने से निम्नलिखित लाभ होते हैं:

  • मां लक्ष्मी की कृपा: कलावे का दीपक जलाने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। यह घर में सुख, समृद्धि और सौभाग्य लाता है।
  • नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है: कलावे का दीपक जलाने से घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। यह वातावरण को शुद्ध और सकारात्मक बनाता है।
  • मन को शांति मिलती है: कलावे का दीपक जलाने से मन को शांति मिलती है। यह एकाग्रता और ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है।
  • इच्छाओं की पूर्ति: कलावे का दीपक जलाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और सफलता प्राप्त करने में मदद करता है।

कलावे का दीपक जलाने के लिए, आपको लाल धागे से एक बत्ती बनानी होगी। आप इस बत्ती को घी या तेल में डुबोकर जला सकते हैं। दीपक जलाते समय, आप निम्नलिखित मंत्र का उच्चारण कर सकते हैं:

दीपो ज्योति परंब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दन:। दीपो हरतु मे पापं संध्यादीप नमोस्तुते।। शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम् धनसंपदा। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपकाय नमोस्तुते।।

कलावे का दीपक जलाने का समय:

  • सुबह: आप सुबह स्नान करने के बाद कलावे का दीपक जला सकते हैं।
  • शाम: आप शाम को आरती के समय कलावे का दीपक जला सकते हैं।
  • विशेष अवसर: आप किसी भी विशेष अवसर पर, जैसे कि त्योहार, जन्मदिन, या पूजा-पाठ के दौरान कलावे का दीपक जला सकते हैं।

कलावे का दीपक जलाना एक सरल और प्रभावी अनुष्ठान है जो आपके जीवन में कई लाभ ला सकता है।

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