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महाशिवरात्रि – शिव आराधना से होंगे कष्ट दूर

नमस्कार पंडित पीएस त्रिपाठी जी के विशेष कार्यक्रम सितारे हमारे में आपका स्वागत है….आज हम बात करेंगे आज के पंचाग की… व्रत त्योहार की…साथ ही आप का राशिफल भी बतायेंगे… और साथ ही … महाशिवरात्रि – शिव आराधना से होंगे कष्ट दूर … आज का पंचांग-दिनांक 21.02.2020… शुभ संवत 2076 शक 1941 …सूर्य उत्तरायण का …फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि.. शाम 05 बजकर 22 मिनट तक दिन … शुक्रवार …उत्तरा आषाढ़ नक्षत्र … सुबह को 09 बजकर 13 मिनट तक … आज चंद्रमा … मकर राशि में … आज का राहुकाल दिन को 10 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 17 मिनट तक होगा …

शिवपुराण के अनुसार, फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी महाशिवरात्रि कहा गया है। इस बार यह शिवरात्रि 21 फरवरी दिन शुक्रवार को है। शिवभक्त इस दिन व्रत रखकर अपने आराध्य का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। माना जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। प्रलय की वेला में इसी दिन प्रदोष के समय भगवान शिव तांडव करते हुए ब्रह्मांड को तीसरे नेत्र की ज्वाला से समाप्त कर देते हैं, इसीलिए इसे महाशिवरात्रि अथवा कालरात्रि भी कहा गया है। महाशिवरात्रि को की गई पूजा-अर्चना, जप दान आदि का फल कई गुना होता है।

शिव आराधना से होंगे कष्ट दूर

मवाना शुगर मिल के राधा-कृष्णा मंदिर के पुजारी प्रेम वल्लभ उत्प्रेती ने बताया कि इस बार महाशिवरात्रि पर 117 साल बाद शनि और शुक्र का दुर्लभ योग बन रहा है। इस साल महाविशरात्रि पर शनि अपनी स्वयं की राशि मकर में और शुक्र ग्रह अपनी उच्च राशि मीन में रहेगा। यह एक दुर्लभ योग है, जब ये दोनों बड़े ग्रह महाशिवरात्रि पर इस स्थिति में रहेंगे। बताया कि इससे पहले ऐसी स्थिति वर्ष 1903 में बनी थी। इस योग में भगवान शिव की आराधना करने पर शनि, गुरु, शुक्र के दोषों से मुक्ति मिल सकती है।

इस बार यह है विशेष

वैसे तो महाशिवरात्रि एक सिद्ध दिन और महापर्व होता ही है पर इस बार महाशिवरात्रि पर पूरे दिन ‘सर्वार्थ सिद्धिश् योग भी उपस्थित रहेगा और सर्वार्थ सिद्धि योग को सभी कार्यों की सफलता के लिए बहुत शुभ माना गया है। इससे इस बार महाशिवरात्रि के पर्व का महत्त्व कई गुना बढ़ गया है इसलिए महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के निमित्त की गयी पूजा अर्चना, दान, जप तप आदि कई गुना परिणाम देने वाले होंगे साथ ही इस दिन अपने सभी नवीन कार्यों का आरम्भ या सभी महत्वपूर्ण कार्य भी किये जा सकेंगे। कहा कि महादेव बहुत जल्द प्रसन्न होने वाले भगवान हैं। शास्त्रों के मुताबिक शिव ज्योर्तिलिंग अर्द्धरात्रि के समय प्रकट हुआ। इसलिए रात के समय शिव साधना बहुत ही असरदार मानी जाती है।

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