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मकर संक्रान्ति पर्व 15 जनवरी 2023 : श्री कपिल शर्मा (काशी महाराज) जी से जानें

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माघ कृष्ण पक्ष अष्टमी
इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी 2023 रविवार को मनाया जाएगा ।सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी को रात्रि में 8:44 पर उज्जैन के सिद्ध विजय पंचांग और निर्णय सागर पंचांग के अनुसार एवं विक्रमादित्य पंचांग के अनुसार प्रवेश रात्रि 3:06 पर होगा ।सूर्य के मकर राशि में प्रवेश को लेकर पंचांगो में मत मतांतर है। किंतु यह स्पष्ट है कि मकर संक्रांति का पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ 15 जनवरी रविवार को ही मनाया जाएगा ।
इस वर्ष संक्रांति का नक्षत्र नाम मंदाकिनी है। मंदाकिनी नाम की संक्रांति क्षत्रियों को सुख समृद्धि प्रदान करती है, एवम् राजाओं का बल बढ़ाती हैं। संक्रांति का वाहन व्याघ्र , उपवाहन अश्व है। पीत वस्त्र ,गदा आयुध, रजत पात्र, पायस भक्षण, कुमकुम लेपन, भूत जाति,जातिपुष्प, कंकणभूषण, पर्णकंचुकी , कुमार्यवस्था है।
सोना – चांदी- अनाज उन्नत रहेंगे।
शासन कर्मियों में द्वंद रहेगा ।श्रमिकों में भय एवं आपदा।

मकर संक्रांति
🌞पुण्यकाल- सूर्योदय से सूर्यास्त तक
🌞महापुण्य काल- सूर्योदय से दोपहर 12:00 बजे तक
मकर संक्रांति उत्तरायण के दिन अपने घर व व्यवसायिक प्रतिष्ठान में विद्वान ब्राह्मणों से गोपालसहस्त्रनाम व कनकधारास्तोत्र का पाठ करवाएं।ब्रह्मणों को चांदी के पात्र में कुमकुम भरकर दान दे ।ब्राह्मणों को खीर – मालपुए का भोजन कराएं। इसका अनंत फल प्राप्त होगा। एवम् जो लोग शुद्ध उच्चारण के साथ संस्कृत पढ़ सकते हैं उन्हें गजेंद्रमोक्ष, रामरक्षास्तोत्र ,हनुमान चालीसा,सुंदरकांड, लक्ष्मी- नारायण ह्रदय स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। गोशाला में देशी गायों को हरा चारा एवं गुड़ खिलाएं। सुहागन स्त्रियां लाल वस्त्र एवं सौभाग्य सामग्री सौभाग्यवती स्त्रियों को दे। भगवान सूर्य की प्रसन्नता के लिए तांबे के दीपक में तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें ।भगवान सूर्य को लाल चंदन मिश्रित जल में अक्षत व पुष्प डालकर अर्घ्य दें।पवित्र नदियों में स्नान करें। अपनी गुरु परंपरा व कुल परंपरा के अनुसार ही पूजन,पाठ ,जाप ,हवन इत्यादि करें ।कुवारी कन्याए पीले वस्त्र ,चने की दाल , व स्वर्ण का दान किसी ब्राह्मण को करें ।
जरूरत मंद लोगो को एवम् भिक्षावृत्ति कर जीवन यापन करने वालो लोगो को चावल – मूंगदाल की खिचड़ी,कम्बल ,नमक व गुड का दान करे ।साथ ही मंदिरों, अनाथ आश्रमों ,वृद्धा आश्रमों में जरूरत मंद लोगो को तिल के लड्डुओ का दान करे।
इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व माघ मास में रविवार के दिन आया है इसलिए इसका महत्व और भी बड़ गया है।जिन भी लोगो की पत्रिका में सूर्य कमजोर है या सूर्य की महादशा के पूर्ण शुभ फल नही मिल रहे है उन लोगो को इस दिन अपने वजन के बराबर गेहूं का तुलादान भी करना चाहिए।
जो लोग ग्रह बाधाओं से पीड़ित व परेशान है उन्हे अपने घर पर सम्पूर्ण गृहशांति का हवन करवाना चाहिए।
मकर संक्रांति के पुण्यकाल में किया गया दान,जाप ,पाठ, पूजा,हवन अनंत गुना फलदाई होता है।
जो लोग पितृदोष से पीड़ित है उन्हे पितरो के निमित्त दान एवम् पितृ तर्पण भी करना चाहिए।
प्राय:देखने में आता है लोग पर्व काल व पुण्यकाल पर पवित्र नदी में स्नान के लिये जाते है और वहा साबुन शैम्पू का उपयोग करते है जो की बिलकुल गलत है ।कुछ बुद्धिमान लोग तो वहा कपड़े भी धोने लगते है वो भी गलत है।कुछ लोग सूखे फुल माला ,भभूत, नारियल,पुराने कपड़े पॉलिथीन में बांधकर नदियों में फेंक देते है ये पुण्य की जगह पाप कर्म है।
पवित्र नदियों पर स्नान के लिए जब भी जाए तब घाटों पर बने मंदिरों की व घाटों की सफाई करे।वहा गंदगी ना करे।क्युकी हमारे पुराणों व धर्म ग्रंथो ने सभी नदियों को देवी और मां के रूप में बताया है और कोई भी बच्चा अपनी मां के ऊपर कचरा केसे फेक सकता है?आपका तीर्थ स्नान तभी सार्थक है जब आप उस तीर्थ में जाकर कुछ सत्कर्म करके आए ।
अंधविश्वास से बचें टोने – टोटके में ना पड़े ।
🌞संक्रांति के आगमन पर द्वादश राशियों पर मकर में सूर्य के संक्रमण का प्रभाव-
🪁मेष- वस्त्र लाभ
🪁वृषभ- धनहानी ,मानसिक पीड़ा
🪁मिथुन – धन प्राप्ति सुख प्राप्ति
🪁कर्क – भूमि – भवन लाभ, उदर पीड़ा
🪁सिंह -धन प्राप्ति सुख प्राप्ति
🪁कन्या-यात्रा सुख,धन प्राप्ति
🪁तुला -यात्रा सुख
🪁वृश्चिक -सुख,वाहन प्राप्ति
🪁धनु -मंगल कार्य सुख
🪁मकर -राज्य प्राप्ति ,सुख
🪁कुंभ -वस्त्र लाभ ,पीड़ा
🪁मीन- वस्त्र लाभ
मकर संक्रांति (उत्तरायण) हमारी सनातन संस्कृति का पुण्य पवित्र पर्व है ।इसे उत्साह व हर्ष से मनाए ।
आप सभी से निवेदन है🙏🏻 चाइनीस मांझा का उपयोग बिल्कुल ना करें।
✨माँ नर्मदा आप सभी का कल्याण करे। आप सभी को उत्तरायण की हार्दिक शुभकामनाएं

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कपिल शर्मा (काशी महाराज)
मोबाइल नंबर📞 9630101010

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