ज्योतिषधर्म कथाएं

विपरीत ग्रह स्थिति, मंगल महाराज राहू के नक्षत्र में करेंगे प्रवेश

अत्यंत विकट समय महामारी से आराम मिलेगा पर सीमाओं पर स्थिति बिगड़ सकती है जो कष्टकारी हो सकती है 20 मई को मंगल महाराज राहू के नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और मंगल पहले से ही राहू के नक्षत्र में है साथ ही राहू की दृष्टि में भी रहेंगे अतः यह परिस्थिति अत्यंत विस्फोटक हो सकती है अपनी सीमा की सुरक्षा के लिये आग्नेय अस्त्रों का प्रयोग होगा इस समय अग्नि , बम , गोलीबारी , मिसाईल , बडे विस्फोट , रक्त का अधिक बहाव जैसी विदारक स्थितियां बनेगी मंगल जब राहू के अधिक प्र्रभाव में होगें तो किसी जमीन के हिस्से होने की संभावना प्रबल होती है अतः पीओके भारत का हो सकता है , नेपाल कुछ हिस्सों पर अपना दावा कर सकता है । चीन एवं रूस भी अपना दावा किसी देश के हिस्से पर कर सकते है । मंगल का संबंध मंगोल लोगो से है अतः चीन , कोरिया , जापान , हांगकांग, तिब्बत , सिंगापोर , थाईलेंड , मालदीव, रूस , पाकिस्तान, खाडी देश , ईराक एवं ईरान जैसे देशों में संभावना प्रबल रहेगी ।
इस स्थिति में राहू की पूर्ण दृष्टि में आ जायेगे जो जल प्लवन एवं खेच दोनो के ही संकेत देते है रक्त विकारों के बढने की संभावना रहेगी यह रक्त विकार मनुष्यो के अलावा और अन्य जीव जंतुओ में भी होने की संभावना प्रबल है अतः मांसाहारी लोगो को मांसाहार करने में सर्तक रहने की आवश्यकता रहेगी । जो लोग अपनी भूमि पाने के लिये लडाई कर रहे है उन्हे सफलता मिल सकती है यह भूमि के खंड खंड होने या बंट जाने की संभावना बन रही है । चूंकि मंगल अपने शत्रु एवं जलीय राशि कुंभ में हैं तो उन्हे अपने अनुकूल वातावरण नहीं मिलेगा । तो भी मंगल अपने स्वभाव के अनुरूप परिणाम देने में सक्षम रहेगे और जल प्लवन की स्थितियां निर्मित होगी।
इन परिस्थितियों में जिन देशो में यह विशेष रूप से प्रभावी रहेगा वहां की भूमि के टुकडे संभव है और यह स्थितियां विश्व के किसी सत्ता पुरूष की हानि के संकेत देता है । मंगल एवं राहू की स्थितियों के अनुसार हनुमान जी महाराज की आराधना एवं प्रकृतिसेवा करने वाले सुरक्षित रहेंगे । अतः पंछियों को दाना पानी करें , पेड़ पौधों में पानी डालें , व हनुमान जी एवं शिवजी की आराधना करें हनुमान चालीसा का पाठ करें ।
यह समय या तो युद्धोन्माद पैदा करेगा या युद्ध के हालात बनायेगा या लंबे समय तक दो देशों की सेनाऐं आमने सामने रहेगी । यहां यह संभव है कि युद्ध क्षैत्र या युद्ध के हालात जिस क्षेत्र में रहेंगे वो मंगोल का क्षैत्र ही होगा । मंगल , राहू की दृष्टि में 18 नवंबर तक रहेगे व राहू मंगल के नक्षत्र में 27 जनवरी 2021 तक रहेंगे ेये स्थितियां अत्यंत विस्फोटक होंगी जो मानवता के लिये अत्यंत कष्टकारी हो सकती है ।

विपरीत ग्रह स्थिति

अत्यंत विकट समय महामारी से आराम मिलेगा पर सीमाओं पर स्थिति बिगड़ सकती है जो कष्टकारी हो सकती है 20 मई को मंगल महाराज राहू के नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और मंगल पहले से ही राहू के नक्षत्र में है साथ ही राहू की दृष्टि में भी रहेंगे अतः यह परिस्थिति अत्यंत विस्फोटक हो सकती है अपनी सीमा की सुरक्षा के लिये आग्नेय अस्त्रों का प्रयोग होगा इस समय अग्नि , बम , गोलीबारी , मिसाईल , बडे विस्फोट , रक्त का अधिक बहाव जैसी विदारक स्थितियां बनेगी मंगल जब राहू के अधिक प्र्रभाव में होगें तो किसी जमीन के हिस्से होने की संभावना प्रबल होती है अतः पीओके भारत का हो सकता है , नेपाल कुछ हिस्सों पर अपना दावा कर सकता है । चीन एवं रूस भी अपना दावा किसी देश के हिस्से पर कर सकते है । मंगल का संबंध मंगोल लोगो से है अतः चीन , कोरिया , जापान , हांगकांग, तिब्बत , सिंगापोर , थाईलेंड , मालदीव, रूस , पाकिस्तान, खाडी देश , ईराक एवं ईरान जैसे देशों में संभावना प्रबल रहेगी ।
इस स्थिति में राहू की पूर्ण दृष्टि में आ जायेगे जो जल प्लवन एवं खेच दोनो के ही संकेत देते है रक्त विकारों के बढने की संभावना रहेगी यह रक्त विकार मनुष्यो के अलावा और अन्य जीव जंतुओ में भी होने की संभावना प्रबल है अतः मांसाहारी लोगो को मांसाहार करने में सर्तक रहने की आवश्यकता रहेगी । जो लोग अपनी भूमि पाने के लिये लडाई कर रहे है उन्हे सफलता मिल सकती है यह भूमि के खंड खंड होने या बंट जाने की संभावना बन रही है । चूंकि मंगल अपने शत्रु एवं जलीय राशि कुंभ में हैं तो उन्हे अपने अनुकूल वातावरण नहीं मिलेगा । तो भी मंगल अपने स्वभाव के अनुरूप परिणाम देने में सक्षम रहेगे और जल प्लवन की स्थितियां निर्मित होगी।

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इन परिस्थितियों में जिन देशो में यह विशेष रूप से प्रभावी रहेगा वहां की भूमि के टुकडे संभव है और यह स्थितियां विश्व के किसी सत्ता पुरूष की हानि के संकेत देता है । मंगल एवं राहू की स्थितियों के अनुसार हनुमान जी महाराज की आराधना एवं प्रकृतिसेवा करने वाले सुरक्षित रहेंगे । अतः पंछियों को दाना पानी करें , पेड़ पौधों में पानी डालें , व हनुमान जी एवं शिवजी की आराधना करें हनुमान चालीसा का पाठ करें ।
यह समय या तो युद्धोन्माद पैदा करेगा या युद्ध के हालात बनायेगा या लंबे समय तक दो देशों की सेनाऐं आमने सामने रहेगी । यहां यह संभव है कि युद्ध क्षैत्र या युद्ध के हालात जिस क्षेत्र में रहेंगे वो मंगोल का क्षैत्र ही होगा । मंगल , राहू की दृष्टि में 18 नवंबर तक रहेगे व राहू मंगल के नक्षत्र में 27 जनवरी 2021 तक रहेंगे ेये स्थितियां अत्यंत विस्फोटक होंगी जो मानवता के लिये अत्यंत कष्टकारी हो सकती है ।
ज्योर्तिविद कालज्ञ पं. संजय शर्मा
9893129882 , 9424828545 (Paytm, PhonePe)
ज्योतिष लेखक, ज्योतिष एवं वास्तु परामर्ष , रत्न विशेषज्ञ , प्रेरक (मोटीवेटर) ,
कलर थेरेपिस्ट एवं औरा रीडर

11, न्यू एम.आई.जी. मुखर्जी नगर
एम.आर. 8, टेलीफोन ऑफिस के सामने
देवास म.प्र. 455001

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