धर्म कथाएं

आज माघ अमावस्या (09 फरवरी) द्वापर युग की युगादि तिथि, पंडित कपिल शर्मा काशी महाराज

🕉️ || युगादि तिथियां || 🕉️

सतयुग/ त्रेता युग/ द्वापर युग/ कलयुग यह सभी भिन्न-भिन्न तिथियों को प्रारंभ हुए थे।
युग + आदि अर्थात युग के आरंभ होने की तिथि इसे युगादि तिथि कहते हैं।
अर्थात जिस तिथि को अतीत और भविष्य में एक नया युग आरंभ हुआ या होगा वही युगादि तिथि कहलाती है।।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़े Join Now

⚛️ सतयुग-: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि सतयुग की आदि तिथि बताई गई है। ( इस दिन अक्षय आंवला नवमी के भी होती है)।

⚛️ त्रेता युग-: वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया यह त्रेता युग की आदि तिथी कहीं जाती है, जिसे हम अक्षय तृतीया के नाम से भी जानते हैं।

⚛️द्वापर युग-: माघ कृष्ण पक्ष की अमावस्या को द्वापर की आदि तिथी माना जाता है।(माघ माह को “मौनी” अमावस्या भी कहते हैं)

⚛️कलयुग-: भाद्रपद कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को कलयुग प्रारंभ की तिथि कही गई है।।

👉🏻यह चार युगादि तिथियां हैं, शास्त्रों के अनुसार युगादि तिथियां का बहुत महत्व है। इन तिथियों का शास्त्रों में उपासना- साधना- अनुष्ठान व आत्मानुसंधान के लिए श्रेष्ठ माना गया है।

आज माघ अमावस्या (09 फरवरी) द्वापर युग की युगादि तिथि है।

कृप्या मैसेज को आगे शेयर जरूर करें…
🕉️
✡️** आज गोसेवा करने से पितृ दोष शांत होता हे✡️
✡️ पंडित कपिल शर्मा काशी महाराज✡️

Related Articles

Back to top button
× How can I help you?