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सड़क पर तड़प रही लड़की का ड्राईवर ने टैक्सी बेचकर इलाज़ कराया,अब लड़की ने इस तरह चुकाया एहसान..

कहते हैं वक़्त पड़ने पर अगर किसी के काम आ सको तो इससे बड़ा पुण्य का काम कुछ नहीं होता। दौड़ती भागती दुनिया में कहाँ किसी के पास समय है कि वो अपने साथ चलते इंसान की ओर देख भी ले और ऐसे में अगर कोई सामने घायल हो जाए तो लोग मदद करने की बजाए मुँह चुराने लगते हैं कि कहीं मदद करने के चक्कर में परेशानी न हो जाए। मानवता से लोगों का विश्वास उठने लगा है लेकिन ऐसे ही वक़्त में कई बार कुछ लोग ऐसा काम कर जाते हैं जिससे हमारा विश्वास मानवता पर बढ़ जाता है। आज हम आपको एक ऐसी ही घटना के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे पढ़कर आपके मन में भी लोगों के लिए कुछ करने की भावना ज़रूर जागेगी।

taxi driver Rajbeer

शहरों की दौड़ती भागती ज़िंदगी में कहाँ कोई किसी को देखता है। ऐसे ही किसी दिन जब राजबीर अपनी टैक्सी लेकर निकला तो उसे पता भी नहीं था कि उसका दिन किस तरह बदलने वाला है। एक चौक पर राजबीर ने देखा कि बहुत भीड़ लगी है, जब उत्सुकता में राजबीर गाड़ी साइड में खड़े करके गए तो उन्होंने देखा कि सड़क पर एक लड़की घायल पड़ी है उसका ऐक्सिडेंट हो गया है।

आसपास खड़े लोग सहानुभूति तो जता रहे थे लेकिन कोई मदद को आगे नहीं बढ़ रहा था। राजबीर ने अपनी टैक्सी में उस लड़की को लिटाया और सीधे अस्पताल ले गया। लेकिन वहाँ पहुँचते ही डॉक्टर ने बताया कि उस लड़की को ऑपरेशन की ज़रूरत है जिसके लिए ढाई लाख रुपए ख़र्च आएगा और अगर ऑपरेशन न हुआ तो लड़की का बच पाना मुश्किल है।

asima

अब राजबीर को कुछ भी नहीं सूझा तो उसने अपने परिवार के लालन पालन के एकमात्र सहारे अपनी टैक्सी को ही बेच दिया और उस लड़की का ऑपरेशन करवा दिया। जी हाँ, राजबीर ने मदद करने के लिए इस हद तक प्रयास किया और सफल भी हुआ। लड़की की जान बच गयी। लड़की ठीक होकर अपने घर सहारनपुर लौट गयी। राजबीर अपना जीवन किसी तरह चलाने लगे एक दिन वो लड़की, राजबीर को ढूँढती हुई उनके घर आयी वहाँ उन्होंने राजबीर को धन्यवाद दिया और बताया कि उसका नाम असिमा है वो पढ़ाई कर रही हैं और जल्द ही उसे गोल्ड मेडल मिलने वाला है। वो चाहती है कि राजबीर उस समारोह का हिस्सा बनें। यूँ तो राजबीर के पास पैसा नहीं था लेकिन वो अपनी इस बहन का कहा नहीं टाल पाए।

taxi driver and Asima

आख़िर समारोह के दिन किसी तरह राजबीर अपनी माँ के साथ वहाँ पहुँचे, जैसे ही राष्ट्रपति ने असीमा का नाम पुकारा असीमा सीधे अपने भाई राजबीर के पास गयी और उसने वहाँ सभी से बताया कि उसको जो मैडल मिल रहा है उसकी हक़दार वो नहीं बल्कि उसके मुँह बोले भाई राजबीर हैं। बाद में उसने राजबीर को एक टैक्सी दिलवायी। राजबीर ने उसे क्या मिलेगा ये सोचे बिना उस लड़की की जानबचायी और उसकी मदद की। लेकिन कहते हैं न कि हर अच्छे काम का अच्छा परिणाम होता है। राजबीर जैसे इंसान लोगों के भीतर मानवता और प्यार जगाते है।

1 comment

  1. Krishna 1 June, 2019 at 07:08 Reply

    Manavta ki udaan ko pankh dene vali ye kahani hai jisse unlogo ko aatam vishleshan karne ka awasr milega jo logo ki help karne se katrate hai
    Bahut bahut dhanyavad

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