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गुरु गोविंद सिंह: तंबाकू के पौधे उखाड़ कर सिख समाज को दी थी यह शिक्षा

sikha guru gobind singh ji ki sakhiyan

दिल्ली. सिख समाज के धर्म गुरु गोविंद सिंह ने एक ऐसी शिक्षा दी थी, जिसका लोग आज भी अनुसरण करते है। इस शिक्षा को दूसरे धर्मों के अन्य लोग भी मानते हैं। गुरु गोविंद सिंह ने एक बार तंबाकू के पौधों को नष्ट कर दिया था। इस पर एक शिष्य ने चौंकते हुए पूछा था, कि गुुरुजी आप ऐसा क्यों कर रहे हैं, उन्होंने बताया कि शराब से सिर्फ एक ही पीढ़ी को नुकसान होता है। जबकि तंबाकू से कई पीढिय़ां खत्म हो जाती हैं।



यही वजह है कि आज भी सिख समाज का कोई भी व्यक्ति तंबाकू नहीं खाता है। गुरु गोविंद सिंह जी ने 1699 में खालसा पंत की स्थापना की थी। स्थापना के समय उन्होंने अपने धर्म के लोगों में जो बुराईयां है, उन्हें खत्म करने के लिए 4 संदेश दिए थे। इनमें से तंबाकू नहीं खाना भी एक था। गुरु गोविंद सिंह जी की दूरदर्शी सोच के कारण आज सिख समाज के लोग काफी सेहतमंद है। इसके साथ ही वे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां से कई दूरी पर हैं।

आज भी काम आ रही शिक्षाएं
गुरु गोविंद सिंह जी की सीख आज भी समाज के लोग पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाते हैं। यही वजह है कि आपने किसी सिख समाज के व्यक्ति को तंबाकू या अन्य किसी प्रकार का धुम्रपान करते हुए नहीं देखा होगा। इस तरह गुरुजी ने समुदाय के लाखों करोड़ों लोगों को गंभीर बीमारियों से दूर रखा है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज के लोगों के अच्छाई के रास्तों पर ले जाती है।

दूसरे समुदाय के लोग भी प्रभावित
गुरु गोविंद सिंह जी की शिक्षाओं से दूसरे समुदाय के लोग भी प्रभावित है। दूसरे समुदाय के लोगों का कहना है कि गुरुजी की शिक्षाएं बेहद अच्छी और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली है। तंबाकू जैसे पदार्थ किसी को नहीं खाने चाहिए। प्रीति का कहना है कि किसी भी धर्म के लोगों को तंबाकू नहीं खाना चाहिए। अजय कहते हैं कि गुरुजी की शिक्षाएं आधुनिक युग में भी कारगर साबित हो रही हैं।

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