धर्म कथाएं

सुगंध नदी के किनारे अद्भुत सुनंदा शक्तिपीठ

Sugandha Shaktipeeth a temple of the Sunanda

Sugandha Shaktipeeth a temple of the Goddess Sunanda, is located in the village of Shikarpur

बांग्लादेश के शिकारपुर से 20 किमी दूर सोंध या सुगंध नदी के किनारे स्थित है मां सुगंध या सुनंद का शक्तिपीठ है। नदी के नाम पर इन्हें सुगंध सुनंद शक्ति पीठ भी कहा जाता है। बताया जाता है कि इस स्थान पर माता सती की नासिका अर्थात नाक गिरी थी। भारत से जाने वाले लोगों को इस तीर्थ यात्रा के लिए वीजा प्राप्त करना होता है।

यहां पहुचना इतना आसान भी नही Sugandha Shaktipeeth

श्रद्धालु वायु समुद्र या सड़क के माध्यम से इस शक्तिपीठ तक आसानी से पहुंच सकते हैं। हालांकि यहां पहुचना इतना आसान भी नही है। ये सफर दूसरे शक्ति पीठों की तुलना में थोड़ा कठिन भी हो सकता है। माता मनसा के समान ही इस सफर कुछ कठिन स्थिति में देखा जाता है इसलिए यात्रियों को पूरी व्यवस्था के साथ यहां भेजा जाता है।

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शिव और सती का एक और अनोखा स्थान Goddess Sunanda

सुगंध नदी के तट पर स्थित है उग्रतारा देवी का शक्ति पीठ है जो कि अति पवित्र होने के साथ ही चमत्कारी भी बताया जाता है। यहां देवी की नसिका गिरी थी। देवी को यहां सुनंदा और शिव को त्रयम्बक रूप में पूजा जाता है। शिव और सती का एक और अनोखा स्थान है ये। यहां माता शक्ति के साथ ही भगवान शिव के चमत्कार भी देखने मिलते हैं।

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किसी न किसी चमत्कार के लिए प्रसिद्ध

हालांकि हर शक्ति पीठ की अलग ही महिमा है और सभी अपने किसी न किसी चमत्कार के लिए प्रसिद्ध हैं। इसी प्रकार यह स्थान भी अति विरल बताया जाता है। माता के शक्ति पीठों में चार ऐसे भी हैं जो तांत्रिक विद्या के लिए जाने जाते हैं और तंत्र क्रियाओं के लिए बड़े-बड़े तांत्रिकों का यहां आगमन होता है। village of Shikarpur

तब निकल रही थी ज्योति

शिव और सती के वियोग विराह की कहानी से ये शक्ति पीठ जुड़े हैं। कहा जाता है कि जब देवी सती के अंग धरती पर गिरे तो उनमें से एक प्रकाश उत्पन्न हो रहा था जो अत्यंत ही शक्तिशाली था इन्हीं स्थानों पर शक्ति पीठ की स्थापना की गई किंतु कोई उन्हें नुकसान ना पहुंचा सके और गलत उपयोग ना कर सके इसलिए भगवान भोलेनाथ अपने अन्य अवतार में आसपास ही विराजमान रहते हैं।

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