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कम ही लोगों को पता है, अयोध्या राम मंदिर से पहले भी हुआ था एक बड़ा विवाद

मुस्लिम समुदाय ने लगाया था हिंदुओं पर आरोप कि मस्जिद को तोड़कर बनाया गया है मंदिर, मामला अयोध्या के ही हनुमानगढ़ी मंदिर का, जहां बोला गया था धावा

Ayodhya Ram temple जैसे – जैसे अयोध्या में भव्य राम मंदिर में होने जा रही प्राण प्रतिष्ठा की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे – वैसे अयोध्या से जुड़े नए दावे और किस्से सामने आ रहे हैं। कुछ जानकारियां ऐसी भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जो अब से पहले न ही किसी को पता थी और न ही उसे लेकर कोई दावे किए गए। यह मामला अयोध्या में होने वाले हिंदू-मुस्लिम के बीच हिंसात्मक घटनाओं से जुड़ा है। बताया जाता है कि हिंदू मुस्लिम के बीच एक बड़ा झगड़ा राम जन्मभूमि के विवाद से पहले ही हो चुका था। जो अयोध्या के ही हनुमान गढ़ी मंदिर को लेकर हुआ था।

बाबरी मस्जिद बनाए जाने के 327 साल बाद हुआ था विवाद

इतिहासकारों और उन दिनों के मौजूद दस्तावेजों के आधार पर बताया जाता है कि बाबरी मस्जिद बनाए जाने की उल्लेखनीय तारीख के करीब 327 साल बाद 1855 में हिंदू मुस्लिम का एक बड़ा झगड़ा सामने आया। यह विवाद हनुमान गढ़ी मंदिर को लेकर था। इतिहासकार सर्वपल्ली गोपालन ने अपनी किताब ‘एनॉटामी ऑफ ए कन्फ्रंटेशन” में हनुमानगढ़ी मंदिर पर मुस्लिमों के धावा बोलने की घटना का संकेत दिया है। इसका कारण मुस्लिमों का यह दावा था कि मस्जिद को तोड़कर मंदिर बनाया गया है।Ayodhya Ram temple

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गलत साबित हुआ था

कहा जाता है कि मुस्लिमों ने जब यह दावा किया था कि मस्जिद को तोड़कर मंदिर बनाया गया है तो तत्कालीन नवाब ने इसकी जांच भी करवाई। अवध के नवाब द्वारा अपने खास लोगों की एक टीम बनाकर जांच करवाने पर सच्चाई सामने आई और यह दावा गलत साबित हुआ।

shriram janambhoomi mandir ayodhya

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1858 में दिखा हमले का असर

मस्जिद को तोड़कर मंदिर बनाने का जो दावा मुस्लिमों ने किया था वो तो खारिज हो गया, लेकिन इसका असर करीब तीन साल बाद दिखाई दिया। Ayodhya Ram temple बताया जाता है कि पहले मंदिर पर धावा बोला और बाद में निहंग सिख बाबरी मस्जिद में घुस गए। 1858 में अयोध्या में 25 निहंगों ने बाबरी ढांचे में घुसकर पूजन हवन कर दिया और दीवारों पर राम-राम लिख दिया। इस घटना के बाद मस्जिद मौलवी की ओर से निहंगों के खिलाफ एफआईआर भी करवाई गई थी। राम मंदिर विवाद का यह पहला कानूनी दस्तावेज था।

चबूतरा बनाने का जिक्र एक अन्य किताब में

निहंगों के मस्जिद में घुसने और वहां पूजा करने की घटना को लेकर कुछ किताबों में भी वर्णन किया गया है। कुणाल किशोर की किताब ‘अयोध्या : रिविजिटेड” में भी इस बारे में लिखा गया है। जिसके अनुसार एफआईआर में कहा गया था कि निहंगों ने मस्जिद के नजदीक एक चबूतरा भी बनाया है।Ayodhya Ram temple

 

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