कुछ ग्रंथों में भगवान शिव की पांच नाग कन्याओं का उल्लेख मिलता है,
पद्म पुराण जैसे कुछ ग्रंथों में इन नाग कन्याओं का ज़िक्र मिलता है,
शिव पुराण में भगवान शिव के दो पुत्रों का ही वर्णन है: श्री गणेश, श्री कार्तिकेय
फिर पांच नाग कन्याओं की कथा कहां से आई?
कुछ जनश्रुतियों के अनुसार ये पांच नाग कन्याएं शिव की इच्छाशक्ति से उत्पन्न हुईं थीं,
इन कथाओं में शिव को ‘नागों के स्वामी’ (नागनाथ) कहा गया है,
ये मान्यताएं लोक आस्था और तांत्रिक परंपरा पर आधारित हैं,
सनातन धर्म में शिव का हर रूप प्रतीकात्मक होता है —
सनातन धर्म में शिव का हर रूप प्रतीकात्मक
धार्मिक शोध और श्रद्धा के बीच संतुलन ज़रूरी है।
होता है —
शिव की पांच नाग कन्याओं की कहानी लोक मान्यता में है, शास्त्रों में नहीं।